Pahal

पहल क्या है?

बी.पी.सी.एल. पहल गैस (डी.बी.टी.एल.) योजना पहले 1 जून, 2013 को 291 जिलों को मिलाकर शुरू की गयी थी। यह आवश्यक हैं कि उपभोक्ता अनिवार्यत: एल.पी.जी. सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए आधार संख्या को रजिस्टर करे ।

सरकार ने व्यापक तौर पर पहल योजना की समीक्षा की और उपभोक्ता द्वारा उठाई गई कठिनाइयों के निरीक्षण के बाद फिर से स्वतंत्र योजना शुरू करने से पहले संशोधित किया। संशोधित योजना के 1 चरण में 54 जिलों को लिया और 15.11.2014 को फिर से शुरू किया गया और 2015/01/01 को देश के अन्य हिस्सों में शुरू किया जाएगा। संशोधित योजना निम्नानूसार है:

एल.पी.जी.सब्सिडी प्राप्त करने के लिए विकल्प

संशोधित बी.पी.सी.एल.पहल योजना के तहत एल.पी.जी. उपभोक्ता अब सब्सिडी उनके बैंक खाते में दो पद्दतीयों से प्राप्त कर सकते हैं। एक बार इस योजना में शामिल होने के पश्चात ग्राहकों सीटीसी या कैश ट्रांसफर कम्पलेंट के रूप में देखा जाएगा और वे उनके बैंक खातों में सब्सिडी प्राप्त करने के लिए तैयार हैं। दो विकल्प हैं:

  • विकल्प एक (प्राथमिक):

    जहां भी आधार संख्या उपलब्ध है, यह नकदी हस्तांतरण का माध्यम रहेगी। इस प्रकार, एल.पी.जी.उपभोक्ता को अपने बैंक खाते और रसोई गैस उपभोक्ता संख्या में अपने आधार संख्या को जोड़ना होगा ।
  • विकल्प दो (माध्यमिक):

    एल.पी.जी. उपभोक्ता की यदि आधार संख्या नहीं है, तो वे सीधे उनके बैंक खाते में आधार संख्या के बिना सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं। यह विकल्प संशोधित योजना में शुरू की गई हैं,यह सुनिश्चित करता है कि एलपीजी सब्सिडी आधार कार्ड पंजीकरण के ना रहने पर उसे देखते हुए, किसी भी एल.पी.जी.उपभोक्ता को मना नहीं किया गया। इस विकल्प में, या तो उपभोक्ता एल.पी.जी.वितरक या अपने बैंक को वर्तमान एल.पी.जी.उपभोक्ता की जानकारी (17 अंकों एल.पी.जी. उपभोक्ता आई.डी.)) के लिए अपने बैंक खाते की जानकारी (बैंक खाताधारक का नाम / खाता संख्या / आई.एफ.एस.सी.कोड) प्रस्तुत करना हैं।

एल.पी.जी. उपभोक्ता, जो पहल शुरू होने से पहले ही सीटीसी पर हैं (डी.बी.टी.एल.)

घरेलू एल.पी.जी. उपभोक्ता पहल (डी.बी.टी.एल.)योजना में आधार को जोड़कर पहले से ही शामिल हुए थे बैंक और एल.पी.जी.डेटाबेस करने के लिए उनके, आधार कार्ड के माध्यम से उनके बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी जाएगी, सब्सिडी प्राप्त करने के लिए नए सिरे से कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है । इस तरह सी.टी.सी.उपभोक्ता ऊपर के विकल्प दो का उपयोग नहीं कर सकते।

पहल के तहत मूल्य निर्धारण (डी.बी.टी.एल.)

पहल (डी.बी.टी.एल.) जिले (ओं) में, घरेलू एल.पी.जी.सिलेंडर घरेलू सी.टी.सी.एल.पी.जी.उपभोक्ताओं के लिए बाजार निर्धारित मूल्य पर (सब्सिडी शामिल नहीं है) योजना शुरु करने की तारीख से बेचा जाएगा।

उपभोक्ताओं को राशि का हस्तांतरण

एल.पी.जी. सिलेंडर की कुल लागु होनेवाली नकद राशि सी.टी.सी. उपभोक्ता के हर सब्सीडी वाले वितरित ( कॅप तक) सिलेंडर, जिनके हकदार हैं, के अनुसार हस्तांतरित की जाएगी।

मुहलत अवधी

गैर-सी.टी.सी. उपभोक्ताओं को पहल (डीबीटीएल) के शुरु होने की तारीख से सी.टी.सी.बनने के लिए 3 महीने तक के लिए अनुमति दी जाएगी। इस अवधि के दौरान इस तरह के उपभोक्ता को लागू सब्सिडी वाले खुदरा मूल्य में बिक्री किये जाने वाले सब्सिडी वाले सिलेंडरों का हक मिलेगा।

पार्किंग की अवधि

तीन महीने की रियायती अवधि के बाद, सभी गैर-सी.टी.सी. एल.पी.जी. उपभोक्ताओं को एक अतिरिक्त 3 महीने की पार्किंग अवधि, जिसके दौरान बिक्री हुए सभी एल.पी.जी. उपभोक्ताओं को बाजार निर्धारित कीमत पर मिल जाएगा।

गैर सी.टी.सी.उपभोक्ताओं के लिए, बिक्री पर कुल नकद ( उनकी पात्रता के अनुसार) फिरसे संबंधित ओ.एम.सी. के साथ बना एल.पी.जी. उपभोक्ताओं के बैंक खाते में स्थानांतरित किया जाएगा, उपभोक्ता को पार्किंग अवधि के दौरान कभी भी सी.टी.सी. हो जाना चाहिए ।

यदि उपभोक्ता पार्किंग अवधि के दौरान सी.टी.सी. नहीं बन जाता ,के मामले में पार्क की गई निधियॉं कालातीत हो जाएगी और उपभोक्ता उसे प्राप्त करने के लिए अयोग्य हो जाएंगे और जब तक उपभोक्ता सीटीसी नही हो जाता बिक्री बाजार मूल्य निर्धारित की जाएगी।

तीन महीने की मियाद समाप्ति, और उसके बाद 3 महीने की अतिरिक्त पार्किंग अवधि के पश्चात , सभी गैर-सी.टी.सी.को उपभोक्ताओं बाजार निर्धारित कीमत पर सिलेंडर प्राप्त होगा और वे कुल नकदी के लिए हकदार नहीं होगे, जब तक कि वे सी.टी.सी.नही हो जाते।


स्थायी एडवांस

  • पहल (डीबीटीएल) में शामिल होने वाले प्रत्येक सीटीसी उपभोक्ता को एक वन-टाइम एडवांस प्रदान किया जाएगा।
  • एडवांस के बारे में सूचना समय-समय पर दी जाएगी और यह एक वित्तीय वर्ष के लिए स्थायी रहेगा।
  • यह उपभोक्ता के पास कनेक्शन के समापन तक रहेगा जिसके बाद अंत में, इसे समायोजित किया जाएगा।
  • जिन एलपीजी उपभोक्ताओं को पिछले स्केल पर स्थायी एडवांस प्रदान किया गया था वे स्थायी एडवांस में संशोधन के कारण हुए किसी भी विभेदी भुगतान के योग्य नहीं होंगे।