About Gas

गैस के संबंध में

प्राकृतिक गैस को 21 वीं शताब्दी के ईंधन के रूप में देखा जाता है और अपने ग्राहकों को ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करने हेतु भारत पेट्रोलियम ने गैस व्यापार की ओर का रूख किया। देश में गैस की बढ़ती हुई मांग ने भारत पेट्रोलियम को ऊर्जा आपूर्ति के अपने वर्तमान स्वरूप को विस्तृत करने का अवसर दिया।

भारत पेट्रोलियम गैस व्यापार में शामिल होने वाली अग्रणी कंपनी थी जिसने आईओसी, ओएनजीसी तथा गेल के साथ पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड को भी प्रवर्तित किया। इक्विटी ढाँचे में प्रत्येक 12.5% प्रमोटर ,10% गाज़ दे फ्रांस और 5.2% एडीबी शामिल हैं तथा शेष सार्वजनिक हिस्सेदारी है।

ऑफ टेकर्स के साथ पीएलएल ने मिलकर, दाहेज टर्मिनल को 25 साल की अवधि के लिए एलएनजी की 7.5 एमएमटीपीए की आपूर्ति हेतु रास गैस के साथ, दीर्घ-अवधि के खरीद बिक्री समझौता तैयार तथा हस्ताक्षरित किया। हाल ही में कोच्चि टर्मिनल को 2014-15 से 20 सालों तक, लगभग 1.44 एमएमटीपीए, एलएनजी की आपूर्ति हेतु एग्जोन मोबिल आस्ट्रेलिया के साथ भी समझौते को अंतिम रूप दिया गया।

दाहेज टर्मिनल को दी जाने वाली 7.5 एमएमटीपीए आपूर्ति के 10% विपणन अधिकार भारत पेट्रोलियम के पास हैं और गेल तथा आईओसी के पास क्रमशः 60% तथा 30% विपणन अधिकार हैं। कोच्चि में भारत पेट्रोलियम के विपणन शेयर 40% है।

भारत पेट्रोलियम पीएलएल का सह-प्रवर्तक होने के साथ-साथ एनसीआर में गैस वितरण का नेटवर्क स्थापित करके, इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) का सह-प्रवर्तक बन कर सीजीडी व्यापार में भी अग्रणी है। यह गेल के साथ किया गया संयुक्त उपक्रम है। तत्पश्चात बीपीसीएल ने जेवीसी बना कर तीन अन्य सीजीडी नेटवर्कों का भी सह-प्रवर्तन किया। जीएसपीसी के साथ गुजरात में साबरमती गैस लिमिटेड (सीजीएल),गेल के साथ महाराष्ट्र प्राकृतिक गैस लिमिटेड (एमएनजीएल) तथा गेल के साथ केंद्रीय उ.प्र.गैस लिमिटेड(सीयूजीएल)।

भारत पेट्रोलियम ने व्यावसायिक सहयोगियों के साथ विभिन्न संघ बना कर नए भौगोलिक क्षेत्रों में सीजीडी नेटवर्क डालने, बनाने व संचालित करने और मुक्त क्षेत्र पाइप लाइनों के लिए पीएनजीआरबी द्वारा चालू की गयी नीलामी प्रक्रिया में भी भाग लिया है।

वर्ष 2010 में भारत पेट्रोलियम ने इनोक्स लि. के सहयोग से टैंक ट्रक द्वारा एलएनजी का विपणन भी आरम्भ किया है और गुजरात में जनरल मोटर्स, हालोल में पहला पायलट प्रोजेक्ट आरम्भ किया है। तत्पश्चात जिन ग्राहकों तक पाइप लाइन नहीं पहुंची थी, उन्हें शामिल किया गया।