इतिहास

भारतीय नागरिक उड्डयन का इतिहास भारत पेट्रोलियम उड्डयन सेवा के इतिहास के जैसा ही है। भारत पेट्रोलियम उड्डयन सेवा देश में सभी बड़े गेटवे और अन्य एयरपोर्ट पर उपलब्ध है जो अग्रणी घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय एयरलाइन को देती है और उड्डयन फ्युलिंग स्टेशन में परिचालन करती है। बीपीसीएल जो कि बर्मा शेल के रूप में प्रारंभ हुई थी, जो भारत में उड्डयन ईंधन में अग्रणी है।

पहली पावर्ड फ्लाइट को 1911 में ईंधन दिया गया है। 1928 में, KLM ने पूरे भारत में पहली नागरिक वायु परिवहन उड़ान भरी – एम्स्टर्डम से बताविया और बीपीसीएल ने कराची, जोधपुर, इलाहाबाद, और दमदम पर फॉकनर F-VII-A एयरक्राफ्ट को सेवाएं दी। सूची इसी तरह आगे बढ़ती है....

1928

1928

KLM ने भारत में पहली नागरिक परिवहन की उड़ान भरी – एम्सटर्डम से बताविया, हमने कराची, जोधपुर, इलाहाबाद और दमदम एयरपोर्ट पर उनके फॉकनर F-VII- एयरक्राफ्ट को सेवाएं दी।

1929

1929

इम्पीरियल एयरवे सेवा भारत में आई और फिर भारत को आस्ट्रेलिया या सुदूर पूर्व में कदम के रूप में उपयोग किया। और टैंक भर चुका है इसे जानने का एकमात्र संकेत यह था कि वह ओवरफ्लो होने लगे।

1933

1933

पहले IAF स्क्वेड्रन के निर्माण के साथ रक्षा सेवा से हमारे मधुर संबंध, पोषित हुए। टाटा एयरलाइन… और हमने 2 इम्पीरियल गैलन, चैमोइस लेदर फनल और बेहतरीन बांस की सीढ़ियां प्रदान की।

1937

1937

पालम में एक मोबाइल फ्युलिंग इकाई प्रारंभ हुई। ये वर्ष ‘’फ्लाइंग बोट’’ के बारे में भी रोमांचक थे, जो कि कराची में कोरांगी क्रीक पर, इलाहाबाद के पास करेलाबाग में पहुंचे। फ्युल को फ्लाइंग बोट में मोटर लॉन्च से ले जाया जाता था और रीफ्युलिंग मिडस्ट्रीम में की जाती थी! युद्ध के वर्ष: युद्ध की मांग अपने साथ नागरिक उड्डयन में कई प्रकार के लंबी श्रेणी के एयरक्राफ्ट लेकर आई। इस अवधि के दौरान डकोटा - DC3 इसका प्रतीक था। और हमने पूरे भारत में एयरफील्ड के विशाल नेटवर्क में अपना बेस स्थापित किया।

1948

1948

टाटा इस्टीट्यूट और भारत सरकार ने मिलकर एयर इंडिया इंस्टीट्यूट लॉन्च किया। विशाल श्रेणी के एयरक्राफ्ट जैसे DC-4 और लॉकहीड कॉन्स्टेलेशन को हमने ईंधन की आपूर्ति की।

1949

1949

भारतीय उड्डयन की दूसरी उपलब्धि नाइट एयरमेल सेवा की शुरुआत थी। जिसे नागरिक उड्डयन मंत्री श्री आर ए किदवई ने प्रारंभ किया था। हमने बंबई, दिल्ली, मद्रास, कलकत्ता और नागपुर में चौबीस घंटे ईंधन आपूर्ति को शुरू किया।

1950

1950

भारतीय वायु सेना ने अपना पहला वैम्पायर एयरक्राफ्ट प्राप्त किया। हमने जेट युग में प्रवेश किया।

1952

1952

BOAC का पहला कोमेट बंबई में उतरा। हमने सैंटा क्रुज़ पर उड्डयन टर्बाइन फ्युल के साथ रीफ्युलिंग का पर्यवेक्षण किया। जल्द ही ATF सभी अन्य ईंधनों को बदल देगी।

1958

1958

बॉम्बे एविएशन फ्युलिंग स्टेशन बनाया गया।

1962

1962

पालम एविएशन फ्युलिंग स्टेशन (अब जिसे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट टर्मिनल-1) कहा जाता है, बनाया गया।

1976

1976

बर्मा शेल का राष्ट्रीयकरण और भारत पेट्रोलियम का जन्म।

1979

1979

विजयवाड़ा एविएशन फ्युलिंग स्टेशन बनाया गया। हालांकि, बाद में 1993 में स्टेशन को बंद कर दिया गया।

1983

1983

मार्च 1983 में भावनगर AFS, मई 1983 में रायपुर, जून 1983 में भुज & सितंबर 1983 में ग्वालियर को बनाया गया।

1984

1984

तिरुपति AFS मई 1984 में बनाया गया।
एयर कनाडा ने जब बॉम्बे एयरपोर्ट पर उनके ऑपरेशन शुरू किए तो हमें रीफ्युलिंग बिजनेस दिया।

1985

1985 

अमीरात ने जब दिल्ली & बॉम्बे एयरपोर्ट पर उनके ऑपरेशन शुरू किए तो हमें रीफ्युलिंग बिजनेस प्रदान किया।

1986

1985 

दिल्ली AFS पर आधुनिक हाइड्रेंट सिस्टम बनाया गया। अतर्राष्ट्रीय ट्रैफ़िक पालम से दिल्ली एयरपोर्ट के इस टर्मिनल पर शिफ्ट कर दिया गया। कलकत्ता AFS बनाया गया।

1987

1987

सिंगापुर एयरलाइंस ने जब दिल्ली एयरपोर्ट पर ऑपरेशन का प्रारंभ किया तो अपना रीफ्युलिंग का व्यवसाय हमें दिया।

1988

1988 

सिरसा & सुरतगढ़ एयरपोर्ट स्टेशन पर बड़े पेट्रोलियम इस्टॉलेशन को नियंत्रण में लिया। जून 1988 में बैंगलोर AFS को बनाया गया।

जब रॉयल जॉर्डियन एयरलाइंस ने दिल्ली & कलकत्ता एयरपोर्ट पर उनके ऑपरेशन प्रारंभ किए तो अपना रीफ्युलिंग व्यवसाय हमें दिया।

1989

1989

हैदराबाद AFS मई 1989 में भारत के मानचित्र पर आया।

1991

1991

डेल्टा एयरलाइंस ने जब नवंबर 1991 में दिल्ली एयरपोर्ट पर अपने ऑपरेशन शुरू किए तो अपना रीफ्युलिंग व्यवसाय हमें दिया।

1991 में हमने बॉम्बे और रायपुर में पहली घरेलु निजी एयरलाइन कॉन्टीनेंटल एविएशन को रीफ्युलिंग की सेवा दी।

1992

1992 

मई 1992 में दिल्ली एयरपोर्ट पर उज्बेकिस्तान एयरवेज़ ने, अक्टूबर 1992 में रॉयल डच एयरलाइंस ने बॉम्बे में, नवंबर 1992 में दिल्ली & बॉम्बे में कोरियन एयर ने अपना रीफ्युलिंग का व्यवसाय हमें दिया।

अहमदाबाद AFS बनाया गया।

1993

1993

हमने फरवरी 1993 में बैंगलोर एयरपोर्ट पर सिंगापुर एयरलाइंस के लिए, अप्रैल 1993 में हांगकांग एयरलाइंस के लिए रीफ्युलिंग करना शुरू किया।

भारतीय उड्उयन क्षेत्र के खुलने के बाद भारत में कई निजी घरेलु एयरलाइंस आई और अप्रेल 1993 में सिटीलिंक एयरवेज़ और ईस्ट वेस्ट का और मई 1993 में जेट एयरवेज़ और मोदीलुफ्त ने अपने रीफ्युलिंग के कॉन्ट्रेक्ट हमें दिए

हमने पहली बार एयर BP कार्नेल कार्ड को रीफ्युल करने के लिए भी प्रवेश किया।

1994

1994

ब्रिटीश एयरवेज़ ने कलकत्ता एयरपोर्ट पर जब अपना ऑपरेशन शुरू किया अपना रीफ्युलिंग व्यवसाय हमें दिया। गोआ AFS बनाया गया।

1995

1995

त्रिवेंद्रम & चेन्नई AFS का उद्घाटन किया गया।

कोरियन एयर ने अपना रीफ्युलिंग व्यवसाय हमें दिया।

एयर बीपी की ओर से अप्रैल 1995 में कलकत्ता & बॉम्बे में कतर एयरवेज़ की रीफ्युलिंग शुरू की। जिन एयरपोर्ट पर हमें सुविधा थी उन सभी पर शेल एविएशन के कार्नेट कार्ड के लिए उसके साथ समझौता किया।

1996

1996

  • महानगरों पर आधारित चार बड़े AFS के लिए ISO प्रमाणन प्राप्त किया
  • उड्डयन मुख्यालय नोएडा में शिफ्ट हुआ
  • जापान एयरलाइंस ने जब भारत में अपने ऑपरेशन शुरू किए तो दिल्ली एयरपोर्ट पर अपना रीफ्युलिंग व्यवसाय हमें दिया
  • ऑल निप्पोन एयरवेज़ & एशियाना, सुदूर पूर्व के देशों की एयरलाइंस ने दिल्ली & मुंबई & एशियाना से दिल्ली का ऑपरेशन शुरू होने पर अपना रीफ्युलिंग व्यवसाय हमें दिया
  • कॉन्ट्रैक्ट मिले एयरक्राफ्ट की रीफ्युलिंग को यूके के अन्य ईंधन सेवा प्रदाता फिनिक्स फ्युल कॉर्प से कनेक्ट किया।
1997

1997 

बेलव्यू और नोथर्वेस्ट एयारलाइंस ने मुंबई एयरपोर्ट पर अपना रीफ्युलिंग का व्यवसाय हमें दिया।

1997

1997 

भुवनेश्वर AFS बनाया गया।

दुनिया के शीर्ष ईंधन आपूर्तिकर्ता शेल एविएशन के साथ व्यवसायिक & तकनीकी अनुबंध पर हस्ताक्षर किया।

1999

1999

  • त्रिवेंद्रम AFS को ISO-9002 की मान्यता मिली
  • न्यू कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उत्कृष्ट हाइड्रेंट सिस्टम वाला कोचीन AFS बनाया गया
  • दिल्ली में मिडल ईस्ट एयरलाइंस & मुंबई में यूनाइटेड पार्सल सर्विसेज़ & दिल्ली में एयर कजाखिस्तान में नामांकन हुआ
  • 27 सितंबर 1999  को जयपुर AFS बनाया गया
  • नवंबर 1999  को कोचीन AFS को ISO-9002 की मान्यता दी गई
  • 4 दिसंबर 1999 को दीव AFS बनाया गया
  • दिल्ली एयरपोर्ट पर चाइना एयरलाइंस को अपना ग्राहक बनाया
2000

2000  

  • जनवरी 2000 में उड्डयन व्यवसाय का गोल्डन पीकॉक नेशनल क्वालिटी अवार्ड – सेवा (वृहद्) जीता। 1 जुलाई 2000 में मुंबई AFS SAP R/3 पर लाइव हुआ
  • दुनिया के सबसे प्रसिद्ध ब्रांड वर्जिन एटलांटिक ने दिल्ली में अपना व्यवसाय हमें दिया। 4 जुलाई 2000 को दिल्ली एयरपोर्ट पर उद्घाटन फ्लाइट लैंड हुई। भारत पेट्रोलियम की पहली रीफ्युलिंग को स्टार टीवी की प्राइम टाइम न्यूज़ पर व्यापक कवरेज मिली
  • अमीरात ने 1 सितंबर 2000 से प्रभावी, चेन्नई में अपना रीफ्युलिंग व्यवसाय हमें दिया
  • 1 जुलाई 2000 में मुंबई AFS SAP R/3 पर लाइव हुआ
  • 1 सितंबर 2000 को दिल्ली एएफएस SAP R/3 पर लाइव हुआ
  • 1 सितंबर 2000 को बैंगलोर & हैदराबाद AFS SAP पर लाइव हुआ
  • नवंबर 2000 में चेन्नई AFS को ISO-9002 की मान्यता दी गई
  • 1 दिसंबर 2000 को चेन्नई AFS SAP पर लाइव हुआ
2001

2001

  • कलकत्ता 5 जनवरी 2001 को SAP पर लाइव हुआ
  • चेन्नई AFS से 2000 बाधा को पार किया और जनवरी 2001 में 2100.70 किलोलीटर की बिक्री पंजीकृत हुई
  • कलकत्ता एएफएस ने जनवरी 2001 में 2140380 लीटर की बिक्री और 3 फरवरी 2001 को 255430 लीटर की बिक्री रिकॉर्ड करके 2100 किलोलीटर की मासिक बिक्री बाधा को पार किया
  • 1 मार्च 2001 को ग्वालियर & सूरतगढ़ AFS SAP पर लाइव हुआ
  • ग्वालियर AFS ने वित्त वर्ष 2000-01 में 22462 किलोलीटर की उच्चतम वार्षिक बिक्री को रिकॉर्ड किया
  • 2 & 3 अप्रेल 2001 को भुवनेश्वर AFS & त्रिवेंद्रम एएफएस SAP पर लाइव हुआ
  • 2000-01 के दौरान कलकत्ता AFS ने उच्चतम बिक्री का रिकॉर्ड बनाया, जब उन्होंने 16967 की रिकॉर्ड बिक्री की, 1996-97 के दौरान स्थापित पूर्व सर्वश्रेष्ठ 13771 से कहीं ज्यादा
  • 16 अप्रेल 2001 को कलकत्ता AFS पर हमारी टीम ने बस 35 मिनट में लंदन बाउंड ब्रिटिश एयरवेज़ को 120460 लीटर ईंधन की डिलीवरी दी, जो कि सिंगल फ्लाइट में सबसे अधिक अपलिफ्ट का अपने आप में रिकॉर्ड था। 23 अप्रेल 2001 को केवल एक सप्ताह बाद इस रिकॉर्ड में सुधार हुआ जब कलकत्ता AFS पर केवल 40 मिनट में 146220 लीटर की ईंधन की डिलीवरी दी। मात्र रीफ्युलर द्वारा की गई रीफ्युलिंग
  • अगस्त 2001 में सभी रीफ्युलिंग स्टेशन SAP पर लाइव हुए
2002

2002

  • 2002 में हैदराबाद & चेन्नई पर अमीरात ने अपना व्यवसाय भारत पेट्रोलियम को दिया
  • दिसंबर 2002 में हैदराबाद ने सिल्क एयर ने अपना व्यवसाय हमें दिया
  • दिसंबर 2002 में कोचीन में अमीरात ने अपना व्यवसाय हमें दिया
2003

2003

  • एस्टानोवा 10 फरवरी 2003 को दिल्ली में, 14 फरवरी 2003 को मुंबई में और 27 फरवरी 2003 को कजकत्ता में लॉन्च किया गया
  • 27 मार्च 2003 को मुंबई में एस्ट्रानोवा & ई-बिज़ पोर्टल लॉन्च हुआ
  • 15 फरवरी 2003 को कलकत्ता AFS पर एस्ट्रा नोवा लॉन्च हुआ
  • मार्च 2003 में बैंगलोर एविएशन फ्युलिंग स्टेशन अपनी उच्चतम मासिक बिक्री 2398 किलो लीटर को प्राप्त किया। 6 मार्च 2003 को जब कोरियाई एयर फ्रेटर एयरक्राफ्ट ने बैंगलोर AFS के इतिहास में दूसरी बार 100 किलोलीटर की बाधा को तोड़ते हुए 101.200 किलोलीटर की का ईंधन उठाया। बैंगलोर AFS ने 29 मार्च 2003 को दूसरी उपलब्धि हासिल की जब बस एक दिन में 340 किलोलीटर (21 टैंक लॉरी) ईंधन निथारा गया, इससे पहले 6 फरवरी 2001 को 224 किलोलीटर (23 टैंक लॉरी) ईंधन निथारा गया था
  • ग्वालियर AFS ने फरवरी’2003 में प्राप्त अपनी पूर्व उच्च बिक्री 3244574 लीटर को पीछे छोड़ते हुए 3402230 लीअर की मासिक बिक्री को प्राप्त किया। उन्होंने मार्च 2003 में 4096 किलोलीटर की उच्चतम मासिक प्राप्ति को भी प्राप्त किया। 11 मार्च 2003 को ग्वालियर AFS ने उच्चतम दैनिक बिक्री & दैनिक प्राप्ति क्रमश: 288 किलोलीटर & 410 किलोलीटर को प्राप्त किया
  • सउदी अरब एयरलाइन ने कोचीन अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हमें अपना रीफ्युलिंग व्यवसाय दिया