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कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व

भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, सामाजिक दायित्वों वाली एक मॉडल इकाई है, जिसके सपनों और मूल्य प्रणाली में ‘सामाजिक दायित्व’ गहराई तक शामिल है। एक अग्रणी संगठन होने के नाते हम समाज के प्रति अपनी ज़िम्मेदारियों को समझते हैं और वर्षों से समाज के कमज़ोर वर्गों की बेहतरी के लिए पूरी कर्तव्यनिष्ठा के साथ काम कर रहे हैं। हमारी निरंतर यही कोशिश होती है कि हम अपनी गतिविधियों के सकारात्मक प्रभाव को ज़्यादा से ज़्यादा बढ़ाएं और यह सुनिश्चित करें कि वे हमारे सभी साझेदारों तक पहुंचें। हमारा दृढ़ विश्वास है कि समावेशी विकास हमारे व्यवसाय की स्थिरता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

हमारी कॉर्पोरेट नीति के अनुसार, हमारे निम्नलिखित ‘पांच’ मुख्य क्षेत्र हैं:

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    शिक्षा
  •  
    जल संरक्षण
  •  
    स्वास्थ्य
  •  
    कौशल
    विकास
  •  
    सामाजिक
    विकास
 
"गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सुलभ बनाने" के तहत, मुख्यरूप से प्रौद्योगिकी के उपयोग के अलावा पर्याप्त संरचनात्मक सुविधाओं, शिक्षा तक पहुंच और शिक्षा प्रणालियों में सुधार के माध्यम से समग्र शिक्षा प्रदान करने पर ध्यान दिया जाता है, जो प्रभाव आंकलन में स्पष्ट रूप से मापने योग्य हैं। मुख्य रूप से ज़रूरतमंद और अभावग्रस्त आबादी तक पहुंचकर अपने वास्तविक अर्थों में बेहतर साक्षरता और शिक्षा को बढ़ावा देना, ताकि लक्ष्य समूह को उच्च शिक्षा मिले और अंततः स्थायी आजीविका के लिए वे योग्य बन सकें। दूसरे शब्दों में, हम केवल बिल्डिंग, फ़र्निचर आदि पर पैसा ख़र्च करने के बजाय एक संपूर्ण शैक्षणिक वातावरण बनाना चाहते हैं।
 
जल संरक्षण के हमारे प्रयास, संलग्न समुदायों को उनके स्वयं के इको सिस्टम के साथ मज़बूती से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इसमें सुरक्षित पेयजल को उपलब्ध कराना, ताजा जल उत्पादन से संबंधित बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए प्रौद्योगिकी, जल संसाधनों का सार्थक उपयोग, जल निकायों का पुनर्जनन और इस तरह के संबंधित प्रयास शामिल हैं। बेहतर कृषि प्रथाओं और तकनीक का प्रशिक्षण भी इस ध्यान केंद्रित क्षेत्र का एक हिस्सा होगा।
 
इसमें एक विषयगत दृष्टिकोण पर आधारित बुनियादी और साथ ही उन्नत स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का निर्माण करना/को सहायता देना शामिल है, जहां बुनियादी ढांचे के समर्थन के साथ या उसके बिना ख़र्च की गई राशि ज़रूरतमंदों और वंचित लोगों की बड़ी लक्षित आबादी के काम आती है। व्याख्यात्मक रूप से मुद्दे अनीमिया उन्मूलन / अनीमिया में कमी, कुपोषण, मातृ और शिशु मृत्यु दर, विभिन्न प्रकार के विकलांगों के खानपान, सहायता आदि हो सकते हैं।
 
हमारे बुनियादी ढांचे के समर्थन के साथ या उसके बिना, हमारे कौशल विकास प्रयासों का उद्देश्य है महिलाओं, बेरोज़गार युवाओं और विकलांग लोगों की योग्य जनसंख्या में आत्मनिर्भरता पैदा करके आर्थिक विकास करने के साथ-साथ कौशल विकास गतिविधियों द्वारा पारंपरिक व्यवसायों के माध्यम से आजीविका के अवसर का निर्माण करना, जो देश के विभिन्न भौगोलिक स्थानों के अनुसार स्वदेशी होंगे, जैसे कि हथकरघा बुनाई, इत्यादि। हमारे कौशल विकास फ़ोकस में कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा दिए गए राष्ट्रीय व्यावसायिक मानकों (एनओएस) में क्वालिफ़िकेशन पैक (क्यूपी) के अनुसार प्रमाणन पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
 
यह पहल हमारी व्यावसायिक इकाइयों के पास और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां विशिष्ट जरूरतें हैं, उन्हें पूरा करने के लिए लक्षित प्रयासों का एक संग्रह है, जो अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों हैं। यह मुख्यरूप से सभी, या संयोजन में, एकीकृत परियोजनाओं या इनके बुनियादी ढांचे को एकीकृत करके उपर्युक्त चारों कार्यक्षेत्रों में आजीविका के अवसरों के साथ पीने के पानी तक पहुंच में सुधार, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा तक पहुंच को बढ़ावा देता है, जिससे संपूर्ण समाज के लोगों के जीवन की गुणवत्ता में बेहतर सुधार हो सके।

इसके अलावा, हमारे सीएसआर दर्शन में राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में भागीदारी भी शामिल है, जैसे कि-स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालयों का निर्माण और रखरखाव, संबंधित स्वच्छता सुविधाएं, समाज के समग्र स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए अग्रणी अपशिष्ट प्रबंधन शामिल हैं।

हालांकि उपर्युक्त बातें निगम के प्राथमिक लक्षित क्षेत्र हैं, जहां बहुत ही प्रतिष्ठित और इन क्षेत्रों में बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड रखनेवाली परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों (PIA) से उनके पिछले / वर्तमान फ़ंडिंग साझेदारों, निगम से प्रमाणपत्र के साथ आवेदन पत्र आमंत्रित किए जाते हैं। कंपनी अधिनियम, 2013 की अनुसूची VII में उल्लिखित क्षेत्रों से संबंधित परियोजनाओं / पहलों का भी निगम स्वागत करता है।

हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि हमारा सीएसआर दर्शन विभिन्न सरकारी एजेंसियों की किसी भी योजना / पहल को बदलने या प्रतिस्थापित करने का नहीं है, बल्कि सरकार के साथ भागीदारी करके ऐसी योजनाओं और पहल के प्रभाव को बढ़ाने में कंधे से कंधा मिलाकर काम करना है। जहां सरकार की पहल और योजनाएं लक्षित आबादी तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करती हैं, वहां अगर परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों ने इस तरह की पहल को आगे बढ़ाने में ट्रैक रिकॉर्ड साबित किया है, तो वे भी अपने एकीकृत परियोजना प्रस्तावों के साथ हमसे संपर्क कर सकते हैं।

हालांकि इन प्रमुख ध्यान केंद्रित क्षेत्रों में से हर एक के अलग-अलग मायने हैं, इसलिए एक निगम के रूप में, एक संक्षिप्त कार्यान्वयन समय सीमा के साथ, हम उन्हें किसी भी नज़रिए से एक एकीकृत तरीक़े से लागू करना चाहते हैं। ताकि लक्षित समुदायों को अपेक्षित सामाजिक प्रतिफल शीघ्रता से हो सकें।

प्रमाणित ट्रैक रिकॉर्ड और प्रमाणपत्र प्राप्त परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियां ​​अपने सीएसआर प्रस्तावों को हमारे पास प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित हैं। प्रस्तावों के लिए जमा किए जानेवाले दस्तावेज़ नीचे दिए गए लिंक से डाउनलोड किए जा सकते हैं:


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