बीपीसीएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने कोच्चि रिफाइनरी के एक नए उत्पाद- फूड ग्रेड क्वालिटी – हेक्सेन की शुरुआत की।

16 Nov 2018 | बीपीसीएल

कृषि-प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के मुख्य उद्देश्य के साथ, बीपीसीएल कोच्चि रिफाइनरी ने विशेष उत्पाद खाद्य ग्रेड गुणवत्ता हेक्सेन (एफजीक्यू हेक्सेन) की शुरुआत की, जो दक्षिणी भारत के कृषि क्षेत्र के लिए एक वरदान साबित हो सकता है।
 
बीपीसीएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री डी. राजकुमार ने श्री आर. रामचंद्रन, निदेशक (रिफाइनरीज), श्री एन. विजयगोपाल, निदेशक (वित्त) नामित, श्री प्रसाद के. पनिकर, कार्यपालक निदेशक (कोच्चि रिफाइनरी) प्रभारी, श्री शरद शर्मा, कार्यपालक निदेशक (औद्योगिक और वाणिज्यिक), श्री पी. एस. रामचंद्रन, कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएँ), केआर और श्री जयेश शाह, कार्यपालक निदेशक (एचआर), केआर की उपस्थिति में एफजी हेक्सेन को ले जाने वाले पहले ट्रक को झंडी दिखाकर रवाना किया।
 
यह पहली बार है कि कोच्चि रिफाइनरी ‘फूड ग्रेड क्वालिटी’ उत्पाद का उत्पादन कर रही है। एफजीक्यू हेक्सेन एक विशेष प्रकार के कटे हुए नाफ्था से उत्पन्न होने वाली एक हल्की डिस्टिलेट है जिसमें हेक्सेन से भरपूर प्रवाह निकाली जाती है और आवश्यक विनिर्देशन को पूरा करने के लिए शुद्ध किया जाता है। यह उत्पाद मुख्य रूप से मसालों और वनस्पति तेल के लिए विलायक निष्कर्षण इकाइयों में विलायक के रूप में उपयोग किया जाता है। इसका उपयोग दवा और दवा उद्योग द्वारा भी किया जाता है और अन्य विशेष अनुप्रयोगों में विलायक के रूप में भी किया जाता है। देश में इस्तेमाल होनेवाले अधिकांश एफजीक्यू हेक्सेन को आयात किया जाता है और इसलिए यह मेक इन इंडिया पहल में बहुत ही सहायक होगा।
 
एफजीक्यू हेक्सेन का उत्पादन कोच्चि रिफाइनरी की आइसोमेरिजेशन इकाई में किया जा रहा है, जो एकीकृत रिफाइनरी विस्तार परियोजना (आईआरईपी) के हिस्से के रूप में उभरा है। वर्तमान में, कोच्चि रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता 5000 टन प्रति वर्ष है। कोच्चि रिफाइनरी के उत्पाद पोर्टफोलियो में, एफजीक्यू हेक्सेन 21 वें स्थान पर आता है।
 
इस अवसर पर श्री पनिकर, कार्यपालक निदेशक (कोच्चि रिफाइनरी) का कहना है कि, “कोच्चि रिफाइनरी के इतिहास में यह एक मील का पत्थर है, क्योंकि हम अब एक खाद्य ग्रेड गुणवत्ता वाले उत्पाद का उत्पादन कर रहे हैं। इससे खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और कृषक समुदाय को मदद मिलेगी। कोच्चि रिफाइनरी ने हमेशा दक्षिण भारत में खेती आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की कोशिश की है। 1990 के दशक के अंत में, कोच्चि रिफाइनरी ने अपने अनुसंधान एवं विकास केंद्र के माध्यम से प्राकृतिक रबर संशोधित बिटुमेन (एनआरएमबी) विकसित किया था और रबर के लिए एक वैकल्पिक संभावना प्रदान की थी जिसकी दक्षिण भारत में बड़े पैमाने पर खेती की जाती है। इसके बाद, एनआरएमबी, केआर का एक प्रमुख उत्पाद बन गया और बेहतरीन सड़क बनाने में मदद की। एफजी हेक्सेन की शुरुआत इसी तरह का एक प्रयास है।”